औरंगाबाद में नहीं होगी मास्क की किल्लत, जीविका दीदियों ने उठाया बीड़ा


हसपुरा प्रखंड के पीरु ग्राम में चमेली जीविका समूह के जीविका दीदी विनीता कुमारी बताती हैं कि वे अब तक कुल 6000 से अधिक मास्क को बेच चुकी हैं. अभी भी लगातार मास्क निर्माण का कार्य चल रहा है.

औरंगाबाद: कोरोना वायरस कोविड-19 के वजह से पूरे देश में मास्क की मांग बढ़ गई है. इससे मास्क की कालाबाजारी भी बढ़ गई. इसे देखते हुए जिले में जीविका दीदियों ने मास्क बनाना शुरू कर दिया है. जीविका दीदियों के बनाए मास्क की कीमत भी कम है.

औरंगाबाद में मास्क की मांग देखते हुए जीविका दीदियों ने मास्क बनना शुरू कर दिया. ये लागत मूल्य पर ही मास्क को बाजार में सप्लाई कर रही हैं. इससे अब जिले में कम मूल्यों पर मास्क उपलब्ध हैं. जीविका दीदियों की इस कार्य की पूरे जिले में सराहना हो रही है.

'लगातार चल रहा है काम'
हसपुरा प्रखंड के पीरु ग्राम में चमेली जीविका समूह के जीविका दीदी विनीता कुमारी बताती हैं कि वे अब तक कुल 6000 से अधिक मास्क को बेच चुकी हैं. अभी भी लगातार मास्क निर्माण का कार्य चल रहा है. उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दवा दुकानदारों और अन्य एजेंसियों ने मास्क की कालाबाजारी शुरू कर दी. इससे आहत होकर मास्क निर्माण का बीड़ा उठाया. आज मास्क को लागत मूल्य पर ही बाजार में बेच रही हूं.